मेट्रो शब्दावली – यात्रा से जुड़े शब्दों के सरल अर्थ

यह मेट्रो शब्दावली भारत के मेट्रो नेटवर्क (दिल्ली मेट्रो, बेंगलुरु मेट्रो, चेन्नई मेट्रो, कोलकाता मेट्रो, हैदराबाद मेट्रो और अन्य शहरों) में यात्रा के दौरान आने वाले रोज़मर्रा के शब्दों को सरल भाषा में समझाती है, जैसे इंटरचेंज स्टेशन, प्लेटफॉर्म, कंकॉर्स, एएफसी गेट, टोकन, स्मार्ट कार्ड, क्यूआर कोड टिकट, किराया चार्ट, पीक ऑवर्स और ट्रेन फ्रीक्वेंसी। हर परिभाषा पहली बार यात्रा करने वालों, नियमित यात्रियों और पर्यटकों के लिए लिखी गई है, और इसे स्टेशन की संरचना, टिकट व किराया, ट्रेन संचालन तथा यात्रा के नियमों व सुरक्षा, इन समूहों में बाँटा गया है।

स्टेशन और संरचना से जुड़े शब्द

मेट्रो स्टेशन और नेटवर्क के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े शब्द — इंटरचेंज स्टेशन, प्लेटफॉर्म, कंकॉर्स, पेड/अनपेड एरिया, टर्मिनल स्टेशन और स्टेशन के प्रकार।

इंटरचेंज स्टेशन

ऐसा मेट्रो स्टेशन जहाँ आप बिना पेड एरिया से बाहर निकले एक लाइन से दूसरी लाइन में बदल सकते हैं।

प्लेटफॉर्म

वह क्षेत्र जहाँ यात्री ट्रेन में चढ़ने और उतरने के लिए खड़े होते हैं। प्लेटफॉर्म आमतौर पर क्रमांकित होते हैं (प्लेटफॉर्म 1, प्लेटफॉर्म 2 आदि) और लाइन की दिशा/गंतव्य के अनुसार चिह्नित होते हैं।

कंकॉर्स

स्टेशन के अंदर वह स्तर जहाँ टिकट काउंटर, एएफसी गेट और कस्टमर केयर होते हैं, प्लेटफॉर्म तक पहुँचने से पहले।

पेड एरिया

एएफसी गेट के बाद शुरू होने वाला क्षेत्र, जहाँ केवल वैध टोकन, स्मार्ट कार्ड या क्यूआर कोड टिकट वाले यात्री ही प्रवेश कर सकते हैं — इसमें गेट के पार का कंकॉर्स और प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

अनपेड एरिया

एएफसी गेट से पहले का क्षेत्र, जहाँ कोई भी बिना टिकट के प्रवेश कर सकता है — इसमें टिकट काउंटर, कस्टमर केयर डेस्क और स्टेशन की प्रवेश लॉबी शामिल है।

टर्मिनल स्टेशन

किसी मेट्रो लाइन का अंतिम स्टेशन, जहाँ ट्रेन की यात्रा उस लाइन पर शुरू या समाप्त होती है — आमतौर पर ट्रेनें यहीं दिशा बदलती हैं।

एलिवेटेड स्टेशन

सड़क स्तर से ऊपर बने खंभों (वायाडक्ट) पर बना स्टेशन, जहाँ प्लेटफॉर्म तक सीढ़ियों, एस्केलेटर या लिफ्ट से पहुँचा जाता है।

भूमिगत स्टेशन

ज़मीन के नीचे बना स्टेशन, आमतौर पर घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में, जहाँ सतह से प्लेटफॉर्म तक सीढ़ियों, एस्केलेटर या लिफ्ट से जाया जाता है।

फुट ओवर ब्रिज (FOB)

प्लेटफॉर्मों या स्टेशन के प्रवेश द्वारों को जोड़ने वाला ऊपरी पैदल पुल, जिससे यात्री बिना पटरियाँ या सड़क पर उतरे सुरक्षित रूप से एक तरफ से दूसरी तरफ जा सकते हैं।

प्रवेश और निकास द्वार

स्टेशन के अनपेड एरिया में क्रमांकित द्वार, जिनसे यात्री प्रवेश करते या बाहर निकलते हैं — हर गेट आमतौर पर किसी खास सड़क, इलाके या स्थान की ओर खुलता है, इसलिए सही गेट चुनने से पैदल चलने का समय बचता है।

मेज़ानाइन फ्लोर / कंकॉर्स लेवल

स्टेशन का मध्य तल — जिसमें आमतौर पर कंकॉर्स, टिकटिंग और एएफसी गेट होते हैं — जो सड़क-स्तर के प्रवेश द्वार को ऊपर या नीचे प्लेटफॉर्म तल से जोड़ता है।

स्काईवॉक

मेट्रो स्टेशन को पास के रेलवे स्टेशन, बस अड्डे या व्यावसायिक परिसरों जैसे महत्वपूर्ण स्थानों से जोड़ने वाला ऊंचा, छतयुक्त पैदल पथ, जिससे यात्री सड़क पार किए बिना आ-जा सकते हैं।

पार्क एंड राइड

कुछ चुनिंदा मेट्रो स्टेशनों पर मिलने वाली सुविधा, जहाँ यात्री अपने निजी वाहन पार्क करके आगे की यात्रा मेट्रो से कर सकते हैं — इसका मकसद सड़क पर भीड़ कम करना और स्टेशन तक पहुंचना आसान बनाना है।

फीडर बस सेवा

मेट्रो प्राधिकरण या स्थानीय परिवहन निकायों द्वारा चलाए जाने वाले समर्पित बस मार्ग, जो मेट्रो स्टेशनों को आसपास के आवासीय क्षेत्रों, कार्यालयों और अन्य परिवहन केंद्रों से जोड़ते हैं, जहाँ सीधे मेट्रो लाइन नहीं पहुंचती।

प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (PSD)

प्लेटफॉर्म के किनारे लगे कांच के बैरियर दरवाज़े, जो ट्रेन के सही ढंग से रुकने पर ही खुलते हैं — ये यात्रियों को गलती से पटरियों पर गिरने से बचाते हैं और स्टेशन की सुरक्षा व तापमान नियंत्रण में मदद करते हैं।

टिकट और किराया से जुड़े शब्द

मेट्रो यात्रा के लिए भुगतान और टिकट सत्यापन से जुड़े शब्द — टोकन, स्मार्ट कार्ड, क्यूआर कोड टिकट, एएफसी गेट, किराया चार्ट, रिचार्ज और टूरिस्ट पास।

टोकन

एएफसी गेट से प्रवेश और निकास के लिए इस्तेमाल होने वाला सिक्के के आकार का एकल-यात्रा टिकट — आमतौर पर टिकट काउंटर या वेंडिंग मशीन से नकद देकर खरीदा जाता है और निकास गेट पर वापस जमा किया जाता है।

स्मार्ट कार्ड

रिचार्ज होने वाला यात्रा कार्ड, जिसे एएफसी गेट पर टैप करके कई यात्राओं के लिए प्रवेश और निकास किया जाता है — स्मार्ट कार्ड पर आमतौर पर टोकन किराए से लगभग 10% की छूट मिलती है और टिकट काउंटर की कतार से बचा जा सकता है।

क्यूआर कोड टिकट

मोबाइल ऐप या टिकट वेंडिंग मशीन से बना डिजिटल एकल-यात्रा टिकट, जिसे टोकन डालने या कार्ड टैप करने के बजाय एएफसी गेट पर स्कैन किया जाता है।

एएफसी गेट

ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन (AFC) गेट का संक्षिप्त नाम — स्टेशन के प्रवेश और निकास बिंदुओं पर लगा गेट, जो टोकन, स्मार्ट कार्ड या क्यूआर कोड को पढ़कर किराया सत्यापित करता है और वैध टिकट होने पर अपने आप फ्लैप दरवाज़े खोल देता है।

किराया चार्ट

मेट्रो ऑपरेटर द्वारा प्रकाशित तालिका, जिसमें अलग-अलग दूरी या स्टेशन-संख्या के स्लैब के अनुसार टिकट कीमतें दी होती हैं — अक्सर टोकन, स्मार्ट कार्ड, सप्ताह के दिनों/सप्ताहांत और विशेष पास के लिए अलग-अलग दरों के साथ।

टॉप-अप / रिचार्ज

स्मार्ट कार्ड में बैलेंस जोड़ना — आमतौर पर स्टेशन काउंटर, ऑटोमैटिक वेंडिंग मशीन या मेट्रो ऑपरेटर के मोबाइल ऐप या वेबसाइट के ज़रिए किया जाता है।

टूरिस्ट / डे पास

एक विशेष टिकट जो तय अवधि (जैसे एक दिन या तीन दिन) के लिए मेट्रो नेटवर्क पर असीमित यात्रा की अनुमति देता है — कम समय में कई स्टेशन और आकर्षण घूमने की योजना बनाने वाले पर्यटकों के लिए उपयोगी।

नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC)

'वन नेशन वन कार्ड' पहल के तहत एक इंटरऑपरेबल स्मार्ट कार्ड, जिसका उपयोग अलग-अलग शहरों के मेट्रो नेटवर्क, बसों और अन्य परिवहन प्रणालियों के साथ-साथ खुदरा भुगतान के लिए भी किया जा सकता है — जिससे हर शहर के लिए अलग कार्ड रखने की ज़रूरत खत्म हो जाती है।

टिकट वेंडिंग मशीन (TVM)

स्टेशन के अनपेड एरिया में लगी सेल्फ-सर्विस मशीन, जिससे यात्री काउंटर की कतार में लगे बिना नकद, कार्ड या यूपीआई से टोकन या क्यूआर कोड टिकट खरीद सकते हैं और स्मार्ट कार्ड रिचार्ज कर सकते हैं।

ग्रुप / कॉम्बो टिकट

एक साथ यात्रा कर रहे कई यात्रियों के लिए एकल टिकट विकल्प, या मेट्रो यात्रा को किसी आकर्षण के प्रवेश टिकट के साथ जोड़ने वाला पैकेज — जो अलग-अलग टिकट खरीदने की तुलना में अक्सर रियायती संयुक्त दर पर मिलता है।

सीज़न पास / मासिक पास

एक प्रीपेड यात्रा पास, जो मेट्रो नेटवर्क पर तय संख्या में यात्राओं या तय अवधि (जैसे एक सप्ताह या महीना) के भीतर असीमित यात्रा की सुविधा देता है — यह नियमित यात्रियों के लिए है जो प्रति-यात्रा किराए पर बचत करना चाहते हैं।

न्यूनतम किराया / अधिकतम किराया

मेट्रो नेटवर्क के किराया चार्ट में तय की गई किसी एक यात्रा के लिए सबसे कम और सबसे ज़्यादा राशि — न्यूनतम किराया आमतौर पर पास के दो स्टेशनों के बीच की सबसे छोटी यात्रा पर और अधिकतम किराया सबसे लंबी छोर-से-छोर यात्रा पर लागू होता है।

व्हाट्सएप टिकट / मोबाइल क्यूआर टिकट

मेट्रो ऑपरेटर के व्हाट्सएप चैटबॉट या मोबाइल ऐप के ज़रिए बुक किया गया डिजिटल टिकट, जो यात्री के फोन पर स्कैन किए जाने वाले क्यूआर कोड के रूप में मिलता है — काउंटर या मशीन पर गए बिना तेज़, संपर्क-रहित टिकट खरीद के लिए उपयोगी।

यात्रा और संचालन से जुड़े शब्द

ट्रेनों के संचालन और यात्रा की योजना बनाने से जुड़े शब्द — पीक/नॉन-पीक ऑवर्स, फ्रीक्वेंसी, पहली/आखिरी ट्रेन, रूट मैप, लाइन रंग कोड और ट्रेन संचालन।

पीक ऑवर्स

दिन के सबसे व्यस्त यात्रा समय जब ट्रेनें अधिक अंतराल पर चलती हैं, आमतौर पर सुबह और शाम के ऑफिस समय में।

नॉन-पीक ऑवर्स

सुबह और शाम की भीड़भाड़ के अलावा का समय — आमतौर पर दिन के मध्य, दोपहर और देर शाम — जब यात्री संख्या कम होने के कारण ट्रेनें लंबे अंतराल पर चलती हैं।

फ्रीक्वेंसी / हेडवे

एक ही लाइन पर लगातार दो ट्रेनों के बीच का समय अंतराल — पीक ऑवर्स में कम फ्रीक्वेंसी का मतलब है कि ट्रेनें अधिक बार आती हैं, जबकि नॉन-पीक फ्रीक्वेंसी आमतौर पर लंबी होती है।

पहली ट्रेन / आखिरी ट्रेन

किसी लाइन पर हर दिन चलने वाली सबसे पहली और सबसे आखिरी निर्धारित ट्रेन का समय — यह जानकारी सुबह जल्दी एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन जाने या देर रात वापसी की यात्रा की योजना बनाने में काम आती है।

रूट मैप

मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशनों, उनकी लाइनों (अक्सर रंग-कोडित) और इंटरचेंज बिंदुओं को दर्शाने वाला नक्शा — जिसकी मदद से यात्री शुरुआती स्टेशन से गंतव्य तक का रास्ता समझ सकते हैं।

लाइन रंग कोड

हर मेट्रो लाइन को रूट मैप और स्टेशन के साइनेज पर दिया गया रंग (जैसे ब्लू लाइन, येलो लाइन या रेड लाइन), जिससे यात्री अपनी लाइन को आसानी से पहचान और फॉलो कर सकें।

ट्रेन ऑपरेटर / पायलट

ट्रेन चलाने के लिए ज़िम्मेदार व्यक्ति — भारत की कई मेट्रो लाइनों पर ट्रेनें ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन (ATO) पर चलती हैं, जिसमें ऑपरेटर सुरक्षा, दरवाज़ों और घोषणाओं की निगरानी करता है।

अप लाइन / डाउन लाइन

मेट्रो लाइन की दो समानांतर पटरियाँ, जिनमें से हर एक एक दिशा में ट्रेन ले जाती है — 'अप' दिशा आमतौर पर शहर के केंद्र या तय किए गए संदर्भ टर्मिनल की ओर जाती है, और 'डाउन' दिशा इसके विपरीत दिशा में।

अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन (UTO)

ट्रेन ऑटोमेशन का सबसे ऊंचा स्तर, जिसमें ट्रेन बिना किसी ऑनबोर्ड ऑपरेटर के खुद चलती, रुकती और दरवाज़े खोलती-बंद करती है — दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा और पिंक लाइन जैसी पूरी तरह ड्राइवरलेस लाइनों पर इस्तेमाल होता है।

डिपो / यार्ड

मेट्रो लाइन के छोर पर बनी सुविधा, जहाँ ट्रेनों को रात में खड़ा किया जाता है, साफ किया जाता है, जांचा जाता है और उनकी मरम्मत व रखरखाव होता है — डिपो आमतौर पर उस लाइन की ट्रेनों के संचालन का आधार केंद्र भी होता है।

डवेल टाइम

किसी स्टेशन पर ट्रेन के रुकने की वह अवधि, जिसमें यात्री चढ़ते-उतरते हैं और उसके बाद दरवाज़े बंद होकर ट्रेन रवाना होती है — आमतौर पर लगभग 20-30 सेकंड, और व्यस्त इंटरचेंज स्टेशनों पर इससे अधिक।

स्टेशन स्पेसिंग

मेट्रो लाइन पर लगातार दो स्टेशनों के बीच की औसत दूरी — घनी शहरी बस्तियों में कम दूरी आसपास के निवासियों के लिए पहुंच आसान बनाती है, जबकि बाहरी गलियारों में अधिक दूरी ट्रेनों को लंबी दूरी पर तेज़ चलने देती है।

रियल-टाइम ट्रेन ट्रैकिंग

स्टेशन के डिस्प्ले बोर्ड, मोबाइल ऐप या वेबसाइट पर दिखने वाली लाइव जानकारी सेवा, जो यात्रियों को बताती है कि किसी प्लेटफॉर्म पर अगली ट्रेन कितने मिनट में आएगी।

सुरक्षा और नियम से जुड़े शब्द

ट्रेन में और स्टेशन पर पालन किए जाने वाले नियमों से जुड़े शब्द — सुरक्षा जांच, महिला कोच, प्राथमिकता सीटें और टिकट नियमों के उल्लंघन पर पेनल्टी किराया।

सुरक्षा जांच

स्टेशन के प्रवेश द्वार पर होने वाली अनिवार्य सामान स्कैनिंग और तलाशी (हवाई अड्डे जैसी), जो यात्रियों को एएफसी गेट की ओर बढ़ने से पहले पूरी करनी होती है।

महिला कोच

ट्रेन का कोच — आमतौर पर पहला या आखिरी — जो महिला यात्रियों के लिए आरक्षित होता है; इसमें यात्रा करने वाले पुरुष यात्रियों पर ऑपरेटर के नियमों के अनुसार जुर्माना लगाया जा सकता है।

प्राथमिकता सीटें

कोच के प्रवेश द्वार के पास की सीटें, जो वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों, गर्भवती महिलाओं और गोद के बच्चों के साथ यात्रा करने वालों के लिए आरक्षित होती हैं।

पेनल्टी फेयर / अतिरिक्त किराया

वह अतिरिक्त शुल्क जो तब वसूला जाता है जब टिकट वास्तविक यात्रा को कवर नहीं करता या यात्री पेड एरिया में तय समय से ज़्यादा देर तक रुक जाता है। अमान्य या अपर्याप्त टिकट पर ऑपरेटर आमतौर पर किराए का अंतर वसूलते हैं — जो कभी-कभी उस लाइन के अधिकतम किराए तक हो सकता है — जबकि देर तक रुकने पर इससे कहीं छोटा, तय सीमा वाला प्रति-घंटा शुल्क (आमतौर पर लगभग ₹10 प्रति घंटा) लिया जाता है।

सीसीटीवी निगरानी

स्टेशनों, प्लेटफॉर्मों और ट्रेन के डिब्बों में लगे कैमरों का नेटवर्क, जो यात्री सुरक्षा की निगरानी करता है, अपराध को रोकने में मदद करता है और सुरक्षाकर्मियों को घटनाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देने में सहायता करता है।

प्रतिबंधित वस्तुएं

वे वस्तुएं जिन्हें यात्री मेट्रो स्टेशन या ट्रेन में नहीं ले जा सकते — आमतौर पर इनमें ज्वलनशील पदार्थ, हथियार, तय सीमा से बड़ा सामान और कुछ खाने-पीने की चीज़ें शामिल हैं — जिनकी जांच प्रवेश पर सुरक्षा जांच के दौरान की जाती है।

लॉस्ट एंड फाउंड

बड़े स्टेशनों पर मौजूद कस्टमर केयर डेस्क या काउंटर, जहाँ यात्री अपनी खोई हुई वस्तुओं की शिकायत दर्ज कर सकते हैं या कर्मचारियों व अन्य यात्रियों द्वारा जमा कराई गई वस्तुएं प्राप्त कर सकते हैं।

इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट (ETU)

प्लेटफॉर्म और ट्रेन के डिब्बों में लगी हेल्प-पॉइंट इंटरकॉम इकाई, जिससे यात्री किसी आपात स्थिति, चिकित्सा समस्या या सुरक्षा संबंधी चिंता के दौरान सीधे स्टेशन नियंत्रण कक्ष या ट्रेन स्टाफ से बात कर सकते हैं।

सुगम्यता सुविधाएं

दिव्यांग यात्रियों, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों की गाड़ी के साथ यात्रा करने वालों के लिए बनाई गई स्टेशन सुविधाएं — जिनमें रैंप, लिफ्ट, स्पर्श-निर्देशित पैदल पथ, व्हीलचेयर-सुलभ एएफसी गेट और ऑडियो घोषणाएं शामिल हैं।

मेट्रो सुरक्षा बल (सीआईएसएफ)

यात्रियों की जांच, स्टेशनों की गश्त और सुरक्षा संबंधी घटनाओं पर कार्रवाई के लिए ज़िम्मेदार सशस्त्र सुरक्षा बल — दिल्ली मेट्रो जैसे नेटवर्कों पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), और अन्य पर राज्य पुलिस या निजी सुरक्षा एजेंसियां।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में मेट्रो टिकट, किराया, स्टेशन और यात्रा नियमों से जुड़े आम सवाल, पहली बार यात्रा करने वालों और नियमित यात्रियों के लिए सरल भाषा में समझाए गए।

टोकन एक सिक्के के आकार का एकल-यात्रा टिकट है, जिसे काउंटर या वेंडिंग मशीन से नकद देकर खरीदा जाता है और बाहर निकलते समय एएफसी गेट पर वापस जमा करना होता है। स्मार्ट कार्ड एक रिचार्ज होने वाला यात्रा कार्ड है, जिसे कई यात्राओं के लिए टैप करके प्रवेश और निकास किया जा सकता है, और इस पर आमतौर पर टोकन किराए से लगभग 10% की छूट मिलती है।

इंटरचेंज स्टेशन वह जगह है जहाँ दो या अधिक मेट्रो लाइनें मिलती हैं, जिससे यात्री बिना नया टिकट खरीदे या स्टेशन से बाहर निकले, पेड एरिया के अंदर ही एक लाइन से दूसरी लाइन में बदल सकते हैं। रूट मैप पर इंटरचेंज स्टेशनों को आमतौर पर एक खास चिन्ह या रिंग से दिखाया जाता है।

अनपेड एरिया स्टेशन का वह हिस्सा है जो एएफसी गेट से पहले आता है। इसमें टिकट काउंटर, कस्टमर केयर और प्रवेश लॉबी शामिल हैं, और यहाँ कोई भी बिना टिकट के जा सकता है। पेड एरिया एएफसी गेट के बाद शुरू होता है और इसमें कंकॉर्स व प्लेटफॉर्म आते हैं, जहां केवल वैध टोकन, स्मार्ट कार्ड या क्यूआर कोड टिकट वाले यात्री ही प्रवेश कर सकते हैं।

एएफसी (ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन) गेट प्रवेश और निकास पर टोकन, स्मार्ट कार्ड या क्यूआर कोड टिकट को पढ़ता है। यह जाँचता है कि किराया यात्रा के लिए पर्याप्त है या नहीं, राशि काटता या सत्यापित करता है, और यात्री को आगे जाने देने के लिए फ्लैप दरवाज़े खोलता है, जो अमान्य या अपर्याप्त टिकट होने पर अपने आप बंद हो जाते हैं।

पीक ऑवर्स दिन के सबसे व्यस्त यात्रा समय होते हैं (आमतौर पर सुबह और शाम के ऑफिस-आवागमन के समय), जब अधिक भीड़ संभालने के लिए ट्रेनें कम अंतराल (अधिक फ्रीक्वेंसी) पर चलती हैं। नॉन-पीक ऑवर्स इन व्यस्त समयों के बीच का समय है, जब यात्री संख्या कम होती है और ट्रेनें लंबे अंतराल पर चलती हैं।

भारत के अधिकांश मेट्रो नेटवर्क किराया या तो तय की गई दूरी के आधार पर या शुरुआती और गंतव्य स्टेशन के बीच स्टेशनों की संख्या के आधार पर तय करते हैं, जिन्हें ऑपरेटर के किराया चार्ट में स्लैब के रूप में दिखाया जाता है। स्मार्ट कार्ड धारकों को आमतौर पर टोकन किराए से छूट मिलती है, और कई नेटवर्क तय अवधि के लिए असीमित यात्रा वाले टूरिस्ट या डे पास भी बेचते हैं।

कोच के प्रवेश द्वार के पास की प्राथमिकता सीटें वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों, गर्भवती महिलाओं और गोद के बच्चों के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आरक्षित होती हैं। महिला कोच (आमतौर पर ट्रेन का पहला या आखिरी कोच) महिला यात्रियों के लिए आरक्षित होता है; इसमें यात्रा करने वाले पुरुष यात्रियों पर ऑपरेटर के नियमों के अनुसार जुर्माना लगाया जा सकता है।

NCMC ('वन नेशन वन कार्ड' पहल के तहत लॉन्च किया गया) एक इंटरऑपरेबल कार्ड है, जिसका इस्तेमाल अलग-अलग शहरों के मेट्रो नेटवर्क, बसों और अन्य परिवहन प्रणालियों के साथ-साथ खुदरा भुगतान के लिए भी किया जा सकता है। सामान्य स्मार्ट कार्ड आमतौर पर सिर्फ उसी नेटवर्क पर काम करता है जिसने उसे जारी किया है, जबकि NCMC-सक्षम कार्ड हर शहर के लिए अलग कार्ड रखने की ज़रूरत खत्म कर देता है।

इन सभी स्थितियों में एएफसी गेट आमतौर पर आपको सामान्य रूप से बाहर नहीं निकलने देता, और स्टेशन स्टाफ बाहर जाने से पहले लागू शुल्क वसूलता है। अमान्य या अपर्याप्त टिकट पर आमतौर पर किराए का अंतर लिया जाता है (जो कभी-कभी उस लाइन के अधिकतम किराए तक हो सकता है), जबकि पेड एरिया में तय समय से ज़्यादा देर रुकने पर इससे कहीं छोटा, तय सीमा वाला प्रति-घंटा शुल्क (कई नेटवर्कों पर आमतौर पर लगभग ₹10 प्रति घंटा) लगाया जाता है। इससे बचने के लिए टोकन को बाहर निकलने तक संभालकर रखें, पेड एरिया में लंबे समय तक रुकने से बचें, और हमेशा सही गंतव्य स्टेशन पर ही टिकट टैप या जमा करें।

इस साइट पर दी गई जानकारी केवल संदर्भ के लिए है। यात्रा से पहले समय, किराया और अन्य जानकारी आधिकारिक मेट्रो स्रोतों से ज़रूर जांच लें।